Toba Tek Singh…..By Manto’s Pen

टोबा टेक सिंह समीक्षा (Toba Tek Singh Review)
प्रसारण मंच – ZEE5 (streaming platform -ZEE5)
3.5*/5*

टोबा टेक सिंहफ़िल्म ‘मंटो’ की लघु कथाओं(short stories) में से एक कथा टोबा टेक सिंह पर आधारित हैं। यहाँ मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगी अगर आप भारत या फिर पाकिस्तान से हैं और आप ‘सआदत हसन मंटो’ को नहीं जानते तो आप एक बहुत ही निर्भीक और बेबाक़ शख्सियत को नहीं जानते जो कि अपने बेबाक़ और स्पष्ट लेखन के लिए दोनो देशों में जानी जाती है। ‘मंटो’ का जन्म ब्रिटिश इंडिया में हुआ था और विभाजन के बाद वो पाकिस्तान का हिस्सा थे।

टोबा टेक सिंह, केतन मेहता द्वारा बनाई गई एक 75 मिनट की शॉर्ट फ़िल्म है। जो अपने अंदर एक गंभीर तथ्य को छुपाये हुए है। यह फिल्म विभाजन के समय की लोगों की मानसिक स्थिति को अपने अंदाज में प्रदर्शित करती है। फ़िल्म की मूल कथावस्तु मंटो की कहानी ही है। यह फ़िल्म शुरू होती है विभाजन से पूर्व लाहौर में स्थित एक पागलखाने से और इसकी कहानी घूमती है वहाँ के एक कैदी बिशेन सिंह(पंकज कपूर) के आस- पास जिसे वहाँ सब टोबा टेक सिंह के नाम से जानते हैं, जो कि उसके गाँव का नाम हैं। बिशेन सिंह के बारे में कहा जाता है कि वह पिछले 10 सालों से सोया नहीं हैं और लगातार चलता रहता है, अगर थक जाता हैं तो दीवार का सहारा ले लेता है लेकिन बैठता नहीं हैं। उसी पागलखाने में वार्डर के तौर पर और कहानी की खोज में सआदत हसन मंटो‘(विनय पाठक) आते है।
इस फ़िल्म में विभाजन के उस दर्द को दिखाया गया है जो कि उस समय लोगों के दिलोदिमाग में था, कि हम अपनी जगह से हिले भी नहीं तो हम भारत या पाकिस्तान में कैसे पहुंच गए। विभाजन के समय औरतों की दशा का अंदाज़ा देने के लिए ‘मंटो’ की एक और लघु कथा ‘खोल दो’ के कुछ अंशों को शामिल किया गया हैं। यह फ़िल्म पूरी तरह से विभाजन के दर्द को अपने अंदर समेटने की कोशिश करती है, जिसके चलते बिशेन सिंहको विभाजन के बाद एक ही प्रशन करते दिखाया गया हैं,टोबा टेक सिंह किथे हैं???वो जानना चाहता है कि अब उसका गाँव कहाँ है,भारत में या पाकिस्तान में।
केतन मेहता को यह फ़िल्म बनाने के बारे में सोचने के लिए पूरे 5 स्टार मिलने चाहिए लेकिन अगर फिल्म को ‘मंटो’ की कहानी के साथ रखा जाए तो फ़िल्म ख़री नहीं उतर पाती। पंकज कपूर और विनय पाठक दोनों ही बेहतरीन कलाकार है और किसी की भी तारीफ के मोहताज़ नहीं है। दोनों ही अपने-अपने किरदार में बख़ूबी अच्छे हैं। यह फ़िल्म ZEE5 पर उपलब्ध है और अगर आप ऑर्ट सिनेमा के कद्रदान हैं तो आप इस फ़िल्म को जरूर पसंद करेंगे और आप को एक बार देखनी भी चाहिए । 😊

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