SCAM 1992- The Harshad Mehta Story !

SCAM 1992 The Harshad Mehta Story वेब सीरीज समीक्षा

⭐⭐⭐⭐/ 5*

  • शैली (Genre) बायोपिक ड्रामा
  • द्वारा निर्देशित (Directed by) हंसल मेहता
  • भाषा (Language) हिंदी
  • एपिसोड संख्या 10 ( 50 to 55 mins/-)

जब किसी कार्य को पूरी श्रद्धा और कड़ी मेहनत के साथ किया जाए और उसका परिणाम उम्दा ना आए, यह तो संभव ही नहीं होता और ‘स्कैम 1992’  निर्देशक हंसल मेहता कि कड़ी मेहनत और उसको बनाने की निष्कपट श्रद्धा का जीवंत उदाहरण स्वरूप सोनी लिव पर गत सप्ताह प्रसारित किया गया है।’स्कैम 1992′ कहानी है हर्षद मेहता की। पहली बात अगर आप हर्षद मेहता को नहीं जानते तो आप इस सीरीज के अंत तक इस विषय में पारंगत हो जाएंगे और अगर जानते हैं तो यह सीरीज आपके उस ज्ञान में बढ़ोतरी कर देगी।

  • RISK है तो ISHQ है।
  • EMOTION में इंसान हमेशा गलती करता है।
  • SUCCESS क्या है ?? FAILURE के बाद का नया CHAPTER ।
  • देखो मैं CIGARETTE नहीं पीता पर जेब में LIGHTER जरूर रखता हूं, धमाका करने के लिए।
  • जब जेब में MONEY हो तो कुंडली में शनि होने से कुछ फर्क नहीं पड़ता।

इन डायलॉग के द्वारा आपको ज्ञात हो जाएगा कि हर्षद मेहता को शेयर मार्केट का अमिताभ बच्चन क्यों कहा जाता था।
आप जैसा सोचते हैं, वैसा ही बनते हैं। ‘
यह कहावत हर्षद मेहता के ऊपर पूर्ण रूप से खरी उतरती है। उन्होंने जो चाहा, जैसे चाहा, वैसा किया और वैसा जिया भी लेकिन जिस तरह शिखर पर पहुंचने के उपरांत धरातल पर ही आना पड़ता है, वहीं कुछ हर्षद मेहता के साथ भी हुआ।
इस सीरीज के जरिए आप हर्षद मेहता की जिंदगी के उतार-चढ़ाव के साथ साथ शेयर मार्केट की गणित को भी बखूबी समझ पाएंगे। निर्देशक हंसल मेहता ने हर एक बारीकी का ध्यान रखा है। जिससे किसी भी तरह की गलती की संभावना समाप्त ही हो गई है, चाहे वह…

  • हर्षद मेहता के स्वभाव और उनकी सोच को पर्दे पर उतारना हो।
  • उनके परिवार की मनोदशा का वर्णन करना हो।
  • शेयर मार्केट किस तरह से कार्य करता है या कैसे संचालित किया जाता है अर्थात उसकी कार्यप्रणाली के बारे में हो।
  • 90 के दशक को पर्दे पर किस प्रकार जीवंत किया जाए।
  • भाषा को सरल रखते हुए दर्शकों पर किस तरह पकड़ स्थापित की जाए।

‘ स्कैम 1992’ में जिस स्कैम के बारे में बात हुई है, वह है 500 करोड़़ का बैंक फ्रॉड और यह कैसे हर्षद मेहता के साथ-साथ उस समय के दिग्गजों को भी अपने लपेटे में ले लेता है। यह सीरीज देवाशीष बसु व सुचेता दलाल की किताब ‘ द स्कैम ‘ से प्रेरित है।
अभिनय की बात करें तो हर किरदार इतना प्रभावशाली और सहज है कि आपको प्रतीत होगा कि आप कोई डॉक्यूमेंट्री देख रहे हैं। जिसमें मुख्य किरदार निभाने वाले प्रतीक गांधी और श्रेया धनवंतरी काबिले तारीफ है। उनको देखकर आपको आभास भी नहीं होता है कि वह अभिनय कर रहे हैं। यह सीरीज मेरी 2020 की अब तक की देखी हुई  सीरीजों में ‘असुर ‘ के बाद सबसे उम्दा है और निस्संदेह देखने योग्य है।

नोट :- प्रतीक गांधी का अभिनय इस सीरीज को चार चांद लगाता है ।

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