कलाकार :- कृति सेनन, पंकज त्रिपाठी, मनोज पाहवा सुप्रिया पाठक, सई ताम्हणकर ।
निर्देशक :- लक्ष्मण उतेकर
प्रस्तुतकर्ता :- Netflix & Jio Cinema।
⭐⭐⭐💫 3.5/ 5
अवधि :- 2 hours 12 mins.
कुछ फिल्में, फिल्म ना होकर एहसास होती हैं। निर्देशक लक्ष्मण उतेकर की फिल्म MIMI भी उसी श्रेणी की फिल्मों में आती है। इससे पहले वह मराठी फिल्म टपाल और हिंदी फिल्म लुका छुपी का भी निर्देशन कर चुके हैं लेकिन कोई फिल्म जो उनको सही मायने में एक निर्देशक के रूप में स्थापित करती है, तो वह है फिल्म MIMI ।
फिल्म को जिस तरह से प्रदर्शित किया गया है, वह काफी सहज और स्वाभाविक सा लगता है। फिल्म का कोई भी किरदार अतिरिक्त नहीं नजर आता और ना ही अव्यवस्थित लगता है। सभी किरदारों को सही अनुपात में फिल्म के अंदर रखा गया है जो कि एक अच्छी फिल्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बात है।
फिल्म MIMI, मराठी फिल्म मला आई व्हायचय पर आधारित है जिससे सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है।
फिल्म MIMI का विषय सरोगेसी है। यदि आपने फिल्म का ट्रेलर देखा है, तो यह बात तो आपको वहीं पर स्पष्ट हो गई होंगी। एक ऐसा समय था जब भारत विदेशी लोगों के लिए सरोगेसी का ठिकाना बन गया था और यहां के लोगों के लिए यह एक व्यापार। इस फिल्म के जरिए उसी चित्र को प्रदर्शित करने की चेष्टा की गई है। इस विषय के साथ फिल्म एक और मुद्दे को भी उठाती है जो है ADOPTION (गोद लेना)। फिल्म यह कहने का प्रयास करती हुई भी नजर आई है कि “सरोगेसी ही सिर्फ एकमात्र विकल्प नहीं है, उन दंपतियों के लिए जो संतान सुख से वंचित हैं, वह बच्चे को गोदी भी ले सकते हैं।
“मां-बाप बनने के लिए बच्चा अपना होना ही जरूरी नहीं है।”
यह सच में एक महत्वपूर्ण और सुंदर संदेश है समाज के लिए।
MIMI, एक स्त्री प्रधान फिल्म है। जिसमें कोई Hero type Hero नहीं है लेकिन यह आपको फिल्म देखते समय कहीं भी महसूस नहीं होगा और इसका सारा श्रेय जाता है पंकज त्रिपाठी और कृति सेनन को।
सर्वप्रथम बात करते हैं पंकज त्रिपाठी जी की, यदि वह किसी भी फिल्म के कलाकार हैं तो आपको एक बात के लिए तो बिल्कुल आश्वस्त हो जाना पड़ेगा कि उनका किरदार आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेगा और आपकी अपेक्षाओं पर उसी रूप में खरा उतरेगा जिस रूप में आपने आशा की है।यह अभी तक का उनका फिल्मों का रेखाचित्र है।यहां भी वह जिस भी दृश्य में हैं वह देखने योग्य है और उम्दा है। वह सच में अपनी प्रतिभा के धनी हैं। अब बात करते हैं कृति सेनन की, वह देखने में जितनी सुंदर हैं यहां अदाकारी भी उन्होंने उसी श्रेणी की दिखाई है। एक नटखट और चुलबुली लड़की से एक परिपक्व मां तक का उनका सफर, इन 2 घंटों में बड़ा ही सहज लगता है और यह ही उनके अभिनय का स्तर भी दिखाता है। उनकी और पंकज त्रिपाठी जी की केमिस्ट्री भी काफी स्वभाविक और वास्तविक लगती है।
बाकी सहायक कलाकारों की बात करें तो, चुनाव ही ऐसा था कि चूक की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। मनोज पहावा, सुप्रिया पाठक मतलब कहें तो नाम ही काफी हैं। इसी के साथ सई ताम्हणकर ने सभी का बेहतरीन ढंग से साथ दिया है, और अपनी उपस्थिति भी पूर्ण रूप से दर्ज कराई है।
फ़िल्म के कमजोर पक्ष की बात करें तो, फिल्म का तकनीकी पक्ष उतना सशक्त नहीं है और फिल्म अंत में थोड़ी खींची-खींची हुई सी लगती है बाकी एक मजेदार फिल्म है देखने के लिए और आप लोग देखें भी जरूर । 😊
Note : फिल्म 30 जुलाई को प्रसारित की जाने वाली थी किंतु 26 जुलाई को सुबह ऑनलाइन लीक हो जाने की वजह से, 26 जुलाई को शाम ही प्रसारित कर दी गई।