Candy :- Unwrap the sin…

कलाकार :- रॉनित रॉय, रिचा चड्ढा, मनु ऋषि चड्ढा,
नकुल रोशन सहदेव, गोपाल दत्त और रिद्धि कुमार ।।
निर्देशक :-  आशीष आर शुक्ल
प्रस्तुतकर्ता :- Voot Select
⭐⭐⭐⭐


“लोग जितना दिखाते हैं,
उससे कहीं ज्यादा वह अपने अंदर छुपा कर रखते हैं।”
यही voot select की नई series “Candy” हमको दिखाती है, जैसे कि उसके नाम में ही है “Unwrap The Sin”
हर व्यक्ति जो कुछ भी होता है या बनता है उसका बहुत गहरा संबंध उसके अतीत से जुड़ा होता है और अतीत हमेशा सुखद नहीं होता। कुछ लोग उसको अपना अतीत समझ कर भूल जाते हैं और अपने वर्तमान को बेहतर बनाते हैं और कुछ अपने वर्तमान पर भी उस अतीत के छिटों को आने देते हैं। Candy भी उसी तरह की कहानी है जहां लोगों का अतीत उनके वर्तमान का हाथ पकड़ कर चल रहा है।


Voot select की इस Candy का स्वाद काफी दिन तक आपके जेहन में रहने वाला है। इसमें आपको वह सब मिलेगा जो एक सस्पेंस थ्रिलर को यादगार बनाता है।
– यह सीरीज आपको शुरू से अंत तक अपने साथ पूर्ण रूप से जोड़ कर रखती है।
– कहानी का कसाव मस्तिष्क से किसी भी एपिसोड में ढीला महसूस नहीं होता है।
– किरदारों को सीमित रखा गया है जिसकी वजह से कोई भी किरदार अतिरिक्त नहीं लगता है।
– सबसे अहम और महत्वपूर्ण बात जो कि इस सीरीज के अनुभव को और भी दिलचस्प बनाती है वह है सस्पेंस के अंदर सस्पेंस देखने को मिलना।

कहानी की बात करें तो, कहानी एक रूद्रकुंड नाम की जगह की है। जो पहाड़ों पर एक खूबसूरत सा गांव है, यहीं पर एक बोर्डिंग स्कूल भी है। जहां के बच्चों को कैंडी की लत्त है और यह कोई आम कैंडी भी नहीं है, यह है नशे की कैंडी तो कहने का तात्पर्य है कि इन बच्चों को नशे की लत्त है। अब यह तो हुई एक बात, इसी के साथ यहां कुछ मडर्स भी आए दिन होते रहते हैं। जिनका पता अभी तक नहीं लग पा रहा है कि इसकी वजह क्या है। अब इसी के साथ पहाड़ों में एक और दंतकथा विराजमान है जो है “मसाण” की। लोगों को लगता है कि यह सब मर्डर मसाण की वजह से हो रहे हैं। कहानी बस इतनी सी ही है लेकिन जिस तरह से इस कहानी को व्यक्त किया गया है वह बहुत ही उम्दा है।
कभी-कभी चीजों को उसका काबिल ए बयां भी दिलचस्प बना देता है और यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ है। कहानी अच्छी है और जैसे बयां की गई है वह और भी बेहतरीन हो गई है।
निर्देशक आशीष आर शुक्ल एक बार फिर खेल गए हैं और उन्होंने बॉल को पूरी तरह से हवा में उछाल दिया है अब छक्का ना भी लगा तो, चौका तो कोई भी नहीं रोक सकता है।
अदाकारी की बात करें तो सबसे ज्यादा आपको जो प्रभावित करने वाले हैं, वह नाम है नकुल रोशन सहदेव। इनकी अदाकारी कुछ उस दर्जे की है कि आप उनके ऊपर से अपनी नजरें नहीं हटा पाएंगे। इसके बाद जो नाम आता है, वह है रिद्धि कुमार, इन्होंने भी अपनी उपस्थिति काफी पुख्ता तौर पर दर्ज कराई है। अब बात करते हैं, रॉनित रॉय, रिचा चड्ढा और मनु ऋषि चड्ढा की, बिल्कुल वही कार्य किया है जिसके लिए इनको जाना जाता है।
एकदम उम्दा और अपने किरदारों के अनुरूप।

तो कुल मिलाकर एक बेहतरीन सीरीज का आगमन हुआ है। इसका सस्पेंस आपको अपने में उलझा कर रखेगा और सुलझने के बाद भी आपके मुंह का और ज़हन का जायका बिल्कुल भी खराब नहीं होने देगा।
मेरी तरफ से यह सीरीज बिल्कुल देखे जाने योग्य है।