हैप्पी फिर भाग जाएगी समीक्षा ( Review )
3*/5*
निर्देशक मुदस्सर अजीज इस बार अपनी हिट फिल्म ‘हैप्पी भाग जाएगी'(2016) के सीक्वल के साथ बॉक्स ऑफिस पर हैं। उनकी पहली ‘हैप्पी’ को दर्शकोंं और आलोचकों (critics) दोनों सेे काफी प्रशंसा मिली थी। इस बार फ़िल्म में सोनाक्षी सिन्हा, जस्सी गिल और अपारशक्ति खुराना को शामिल किया गया हैं और डायना पेंटी, अली फजल, जिम्मी शेरगिल और पीयूष मिश्रा पहले की तरह ही फ़िल्म मेंं मौजूद है।
जैसे कि यह फ़िल्म एक सीक्वल है तो यहां ‘हैप्पी’ भी दो-दो हैं। यह फ़िल्म दूसरी हैप्पी (सोनाक्षी सिन्हा) के आस-पास घूमती है।सोनाक्षी सिन्हा इस फिल्म का अहम किरदार हैंं। फ़िल्म की कहानी एक गलतफहमी से शुरू होती है और इस बार ‘हैप्पी’ पाकिस्तान में नहीं चीन में भाग रही होती है। गलतफहमी यह है कि चीन में ‘पुरानी हैप्पी’ (डायना पेंटी) की जगह ‘नई हैप्पी’ (सोनाक्षी सिन्हा) को अगवा कर लिया जाता है। इसी के चलते इंडिया से दमन सिंह बग्गा(जिम्मी शेरगिल) और पाकिस्तान से पुलिस अफसर उस्मान अफरीदी(पीयूष मिश्रा) को भी अगवा कर लिया जाता है। फ़िल्म में पंजाबी अभिनेता और गायक जस्सी गिल को भी शामिल किया है। यह उनकी पहली हिंदी फ़िल्म है। उन का किरदार ‘खुुुशवंत गिल’ और अपारशक्ति खुराना का किरदार ‘अमन’ भी फ़िल्म को रोचक बनाये रखते हैं। कहानी में कहानी जैसा कहने के लिए कुछ ख़ास नहीं है। फ़िल्म का मजबूत पक्ष उसके डायलॉग है। जो कही-कही पर इंडिया, पाकिस्तान और चीन की तनातनी पर व्यंग्य करते रहते है। जिम्मी शेरगिल और पीयूष मिश्रा की जुगलबंदी फिल्म की जान है और उसको देखने योग्य बनाती है।
अगर आपने ‘हैप्पी भाग जाएगी’ नहीं भी देखी है तो भी आप को इस फ़िल्म को समझने में कोई परेशानी नहीं होगी। फ़िल्म का संगीत बिलकुल भी दिलचस्प नहीं है, हां फ़िल्म के साथ-साथ ठीक ही लगता है। यह एक सिचुएशनल कॉमेडी है जो कि कही-कही पर काफी हँसाती है। लेकिन अगर आप कॉमेडी को पसंद नहीं करते है और आपके पास एक ऐसा दिमाग हैं जो कभी चलना बंद नहीं होता हैं तो फिर ये फ़िल्म आप के लिये बिल्कुल भी नहीं हैं। इसके बाद भी अगर आप को अपनेआप को गुदगुदाने और ‘हैप्पी’ के साथ चीन सफ़र पे जाने का मन है तो आप सिनेमाघर का रुख जरूर कर सकते है।😊