Andhadhun…A Thrilling Tale !!!

अंधाधुन फ़िल्म समीक्षा (Andhadhun Movie Review)

3.5*/5*

हर फ़िल्म का एक दर्शक वर्ग होता है, कहने का तात्पर्य यह है कि कुछ कॉमेडी फिल्मों को पसंद करते हैंं, तो कुुुछ रोमांटिक, तो कुछ थ्रिलर और अगर आप थ्रिलर फिल्मों के शौकीन है तो अंधाधुन आप के लिये बना बनाया पैकेज है। जोकि आपको थ्रिलर और सस्पेंस दोनों का पूरा मसाला प्रदान करती है। फ़िल्म का निर्देशन श्री राम राघवन ने किया है जोकि इस तरह की फिल्में बनाने में ख्याति प्राप्त कर चुके हैं। इस से पेेहले उनकी फ़िल्म बदलापुर(2015) एक क्राइम थ्रिलर थी। जिसे भी काफी पसंद किया गया था।

अंधे होने के प्रॉब्लम तो सबको पता है, फायदे मैं बताता हूँ
फिल्म शुरू होती है एक नेेत्रहीन पियानिस्ट आकाश(आयुष्मान खुराना) के इस संवाद के साथ, जो कि एक कलाकार हैं और कलाकारों की अपनी एक दुनिया होती है,जोकि आकाश की भी है। लेकिन वो कब अपनी ही इस दुनियां में फंस जाता हैै,उसेे खुद भी पता नहीं चलता। कहानी में ट्विस्ट तब आता हैै जब आकाश की मुलाकात प्रमोद सिन्हा(अनिल धवन)से होती है। फ़िल्म का मूड 70 के दशक का है। बैकग्राउंड का संगीत फ़िल्म के सस्पेंस और दर्शकों की धड़कनों को बढ़ाने में पूरी तरह सेे सफल है। पूजा लाडा सुरती ने कहानी को बड़ी ही समझदारी से बुना है और जिसे श्री राम राघवन का निर्देशन मिला है जोकि इस तरह की फिल्मों के महारथी है। यहाँ मैं तारीफ करना चाहूँगी के यू मोहनन के कैमरे की उन्होंने बेहतरीन छायांकन(cinematography) का प्रदर्शन किया जिस ने फ़िल्म का मजा दुगना कर दिया। फ़िल्म के सभी गाने अमित त्रिवेदी द्वारा गाये गए है व संगीत भी उन्हींं का है, जो फ़िल्म की ताल के साथ उपयुक्त लगता है।
अभिनय की बात करें तो यह आयुष्मान खुराना का अब तक का सब से उम्दा अभिनय है पूरी तरह से परिपक्व। तब्बू अपने किरदार में काफी दमदार और सटीक है। उनका किरदार इस में बहुत अलग तरह का है। इसी के साथ राधिका आप्टे भी फ़िल्म में है जो रोमांस का तड़का लगाती हैं और छोटे किरदार में भी अपनी उपस्थिति बखूबी दर्ज कराती हैं। फ़िल्म ऑलिवर ट्रीनर की फ्रेंच शॉर्ट फिल्म लैकोकरों(2010) से प्रेरित है। फ़िल्म आपको शुरू से अंत तक अपनी सीट से बाधें रखेगीं और उसके ट्विस्ट आप के रोमांच को कम नहीं होने देेंगे। अगर आप फ़िल्म देखनेे जाते है, तो पूरी तरह से वही रहे, कुछ भी छूटने ना दें क्योंकि हर चीज़ का कुछ ना कुछ मतलब है। जो एकदूसरे से जुुुडा हुआ हैै। तो फिर अगर थोड़ा दिमागी कसरत का मूूड है तो अंधाधुन सिनेमाघरों में आ चुुकी है 😉😊।