आर्या वेब सीरीज समीक्षा ( Web Series Review)
3.5*/5*
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शैली (Genre) क्राइम, ड्रामा
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द्वारा आधारित (Based on) पेनोजा (डच सीरीज)
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द्वारा लिखित (Written by) संदीप श्रीवास्तव,
अनु सिंह चौधरी -
द्वारा निर्देशित (Directed by) राम माधवानी,
संदीप मोदी -
अभिनीत (Starring) सुष्मिता सेन
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भाषा (Language) हिंदी
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एपिसोड्स संख्या 9 (50 to 55 mins/-)
‘ जितना ऊंचा नाम उतने उलझे हुए काम ‘ डिज्नी हॉटस्टार की नई सीरीज आर्या की कहानी भी कुछ इसी प्रकार की है। आर्या का निर्देशन राम माधवानी का है जिन्होंने इस से पहले नीरजा फ़िल्म का निर्देशन कर के अपनी एक अलग छाप छोड़ी थी। सुष्मिता सेन एक दशक के बाद इस सीरीज से वापसी कर रही हैं, जिनको हम आर्या के रूप में यहां देेेेेेेेखेंगे। उनके लिए इससे बेहतर और दमदार वापसी नहीं हो सकती थी। सुष्मिता सेन का खुद का किरदार आर्या से इतना मेल खाता है कि लगता है, आर्या का किरदार उन्हीं से प्रेरित हो कर लिखा गया है। एक सशक्त और आत्मनिर्भर महिला, जिसको बखूबी पता है कि अपना काम किस प्रकार से कराना है। एक बेहतरीन चुनाव।
[]‘ फिर से वो बनो जो तुम हो पंजे बाहर निकालो शेरनी की तरह…’
[]‘ मैं अपनी फैमिली को बचाने के लिए कुछ भी कर सकती हूं…’
[]” पहले क्यों नहीं संभाला तूने धंधा ?
[]क्योंकि पहले धंधा मर्द संभालते थे, अब बचे नहीं…”
इन सभी डायलॉग्स से आप इस सीरीज में सुष्मिता सेन के आधिपत्य का अंदाजा लगा सकते हैं।
आर्या राजस्थान के अमीर परिवार की कहानी हैै जो अफ़ीम के कारोबार से जुड़ा हुआ है। आर्या (सुष्मिता सेन) इस परिवार की बड़ी बेटी है, जो कारोबार कि वजह से पति की मृत्यु के बाद अपने ३ बच्चों व परिवार को बचाने के लिए इस धंधे में आती है।
चंद्रचूड़ सिंह ने भी काफी अरसे बाद पर्दे पर वापसी की है और अपनी छाप भी छोड़ी है। इस सीरीज की कास्टिंग काफी शानदार है और सभी किरदारों का दमदार अभिनय इस बात को सही भी साबित करता है। सभी कलाकार अपने-अपने किरदार के हिसाब से एकदम सटीक है। विशेष रुप से मनीष चौधरी, नमित दास, विकास कुमार और सिकंदर खेर। कहानी को दर्शकों तक सही रूप में पहुंचाने के लिए कास्टिंग एक मजबूत कड़ी होती है, जो यहां बखूबी नजर आया है।
आर्या में बड़े़े घरों की चकाचौंध है, उनकी शान-ओ-शौकत हैै और उसके पीछेे छुपा हुआ उनका काला सच है। जिसकी वजह से जो खून खराबे होतेे हैं और फिर उनको छुपाने केे लिए जो जाल बुने जातेे हैंं, वह सब है। कुल मिलाकर आर्या में वह सब कुछ है जो आपको उस सीरीज को देखने के लिए मजबूर कर सकता है। सीरीज थोड़ी लंबी जरूर है तो समय ज्यादा लेती है लेकिन कहानी भी धीरे-धीरेे गति पकड़ती है तो आपको काफी हद तक बांधे रखती है और जब अंत पर आती है तो एक और सीरीज के प्रारंभ का रास्ता खोल कर जाती है। कुल मिलाकर देखने योग्य है।