83 : A Historic Moment!

निर्देशक : कबीर खान
लेखक : कबीर खान, संजय पूरन सिंह चौहान, वसन बाला
संवाद : कबीर खान, सुमिता अरोरा
छायांकन : आसिम मिश्रा
Editing by : नितिन बेद
Casting by : मुकेश छाबरा
⭐⭐⭐⭐⭐ 5/5



‘ देर आए पर दुरुस्त आए ‘
यह कहावत पहली बार जब हम विश्वकप जीते थे, सन् 1983 में, तब भी सटीक बैठी थी और यह आज भी पूर्णतः सटीक है, निर्देशक कबीर खान की फिल्म 83 के लिए। फिल्म का इंतजार कब से किया जा रहा है और यह आते-आते आ भी गई है, और यहां मैं कह सकती हूं कि,
“आओ तो ऐसे आओ कि तुम्हारे आने को और आ कर छा जाने के हुनर को दुनिया याद करे..”
जिन्होंने इन पलों को जिया है या देखा है उनका तो अंदाज ए बयां कुछ और हो सकता है लेकिन जिन्होंने यह पल सिर्फ सुने या पढ़े हैं वह भी जब इन दृश्यों को पर्दे पर देखेंगे तो गर्व से छाती चौड़ी हो जाएगी और खुशी के आसुओं से आंखें दमक उठेंगी।
हर चीज को शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन नहीं होता है और यह फिल्म 83 वही काम करती है कि आपके पास बखान करने के लिए उपयुक्त शब्दों की कमी सी प्रतीत होने लगती है।

83 शानदार क्यों है …

– क्रिकेट प्रेमी हैं तो इससे शानदार तरीके से आप 25 जून 1983 को महसूस नहीं कर सकते।
– क्रिकेट में देश की पहली जीत का जश्न मनाना चाहते हैं तो इससे बेहतर मौका नहीं मिल सकता।
– टीम वर्क किसको कहते हैं वह आपको इस फिल्म से उम्दा तरीके से कोई बता ही नहीं सकता
– एक 1983 में कपिल देव की टीम थी।
– और एक 2021 में कबीर खान की है।
– सपनों को हकीकत की पोशाक कैसे पहनाते हैं उसका इससे उत्तम उदाहरण कुछ नहीं हो सकता।
– खुद पर विश्वास और सही दिशा का ज्ञान है तो फर्क नहीं पड़ता कि लोग तुम्हारे बारे में क्या बोलते हैं और क्या सोचते हैं, यह कपिल देव की आंखें और शारीरिक हाव-भाव आपको हर बार इस फिल्म में महसूस कराते हैं।
सबसे बड़ी बात जो 1983 की जीत और फिल्म 83 हमें बताती है वह है कि
” इज्जत मांगने से कभी नहीं मिलती उसके लिए आपको हर बार अपने आपको अपनी औकात से ज्यादा साबित करना पड़ता है”



फिल्म की कास्टिंग की बात करें तो इससे उत्तम और सटीक कास्टिंग कुछ हो ही नहीं सकती थी बेहतरीन काम और vision मुकेश छाबड़ा जी का। इसी के साथ फिल्म के संवाद, फिल्म की एडिटिंग, फिल्म का संगीत सब कुछ फिल्म में चार चांद लगाता है और फिल्म को बेहतर से बेहतरीन की दिशा में अग्रसर रखता है।
अब बात करते हैं फिल्म के कलाकारों की हर एक व्यक्ति तारीफ का हकदार है मुझे कोई भी कलाकार ऐसा नहीं दिखा जो उत्तम नहीं था किंतु जहां जाकर और जिसको देखकर आप नि:शब्द हो जाते हैं, वह है रणवीर सिंह की अदाकारी। आप जो सोच भी नहीं सकते हैं वह कार्य उन्होंने करके दिखाया है।
आप पूरी फिल्म में रणवीर सिंह को ढूंढते रह जाओगे लेकिन आपको कपिल देव के अलावा कोई और दिख जाए इस चीज की गारंटी मैं दे सकती हूं।
रणवीर सिंह सच में कमाल ही हैं और हर बार वह विस्मित ही करते हैं ।

अब आप मुझे बताइए कि आपको यह फिल्म देखने से कोई भी ताकत कैसे रोक सकती है तो बिना किसी देरी के थियेटर्स की तरफ प्रस्थान कीजिए…
⭐⭐⭐⭐⭐

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