Rating :- 3.5 / 5 ⭐⭐⭐💫
OTT :- Amazon prime
अमेरिकन वेब सीरीज मॉर्डन लव की तान से तान मिलाता हुआ मॉर्डन लव मुंबई भी आ चुका है और अपने साथ दिग्गज निर्देशकों की फौज और कुछ बहुत ही खूबसूरत कहानियों को हमारे सामने अपने मॉर्डन अंदाज में परोसता है।
यहाँ बात प्यार की हो रही है जैसे कि नाम से ज्ञात हो जाता है।
प्यार का कोई रंग रूप नहीं होता, वह हर व्यक्ति विशेष के हिसाब से बदलता है। उसके समीकरण उसके पैमाने वक्त के साथ अपना स्वरूप विकसित और भिन्न करते आए हैं। प्यार इतनी व्यापक और विस्तृत भावना है कि उसके अंदर असंख्य भावनाएं समा सकती हैं।
🔹वह हमको आजादी के साथ बंधना सिखाता है।
🔹वह ठहराव के साथ-साथ बहना भी सिखाता है।
🔹वह परिपक्वता के साथ-साथ बचपने को भी जीवित रखता है।
🔹वह फिक्र में भी बेफिक्री देता है।
कहने का तात्पर्य है कि इससे खूबसूरत भावना, अनुभूति और मनोभाव कुछ हो ही नहीं सकता और सबसे महत्वपूर्ण यह कभी भी आपको अकेला महसूस नहीं होने देता।
इन्हीं सब भावों से परिपूर्ण कहानियां हैं
मॉर्डन लव मुंबई के 6 अध्यायों के अंदर।
सभी कहानियां अपने अपने अंदाज मे प्यार की अपनी-अपनी परिभाषा को प्रस्तुत करती हैं और नएपन का एहसास भी देती हैं।
इन सभी कहानियों में से जो मेरी व्यक्तिगत प्रिय कहानियां हैं वह कुछ इस प्रकार हैं।
CUTTING CHAI :- निर्देशक नूपुर अस्थाना की कटिंग चाय का जो ज़ायका है वह जुबान से उतरने में खासा वक्त लेता है।
इतनी कमाल चाय बनाई है कि मुझ जैसे चाय प्रेमी को तो भा ही गई। कहने का तात्पर्य यह है कि बहुत ही सुंदर प्रस्तुति, बहुत ही सरल अभिनय और बिल्कुल आप और हम जैसे किरदार। जब जिंदगी जीते जीते फीकी होने लगती हैं तब आपको जरूरत होती है कि कोई आए और कहे “चल शुरू से शुरू करते हैं” बस फिर क्या है सफर फिर नया और ताजा लगने लगता है। अरशद वारसी की एक्टिंग हमेशा ताजगी का अनुभव कराती है और चित्रांगदा सिंह इतनी सुंदर कि नज़रें ही ना हटें। मतलब कि कहानी देख कर मजा ही आ गया। (⭐⭐⭐⭐💫)
RAAT RANI :- निर्देशक सोनाली बोस की रात रानी की महक ज़हन को वह अंदर वाली खुशी का अनुभव कराती है जो कुछ महत्वपूर्ण कार्य या सिद्धि के पूर्ण हो जाने पर होती है।
जिस प्रकार रात रानी की महक को दबाना मुश्किल है, वैसे ही व्यक्ति को भी उसकी सही क्षमता का पता लग जाने के बाद रोकना मुश्किल हो जाता है। यह कहानी भी यही पाठ हमें पढ़ाती है कि दूसरों की छत्र छाया या कंधों की जरूरत हमको नहीं है। हम खुद में उतने ही सक्षम है जितनी कि बाकी सब के साथ, जरूरत है तो बस इसको महसूस करने की। इस कहानी को फातिमा सना शेख ने अपनी अदाकारी से जीवित कर दिया है।
(⭐⭐⭐⭐)
BAAI :- निर्देशक हंसल मेहता की कहानी बाई हमें यह बताती है कि कुछ चीजों को समाज में इस तरह से निषेध घोषित कर दिया गया है कि अब वह चाहे कितनी भी पवित्र या शुद्ध भावना ही क्यों ना हो व्यक्ति उसको मानने से कतराते है और अपने आसपास के लोगों को भी इसके बारे में बताने में भय महसूस करता है। यह कहानी समलैंगिकता पर आधारित है और प्रतीक गांधी ने उस युवक जो इन परिस्थितियों से जूझ रहा है उसका किरदार बड़ी ही काबिलियत के साथ निभाया है और इसी के साथ रणवीर बरार की भी अदाकारी की शुरुआत बहुत ही पुख्ता तरीके से हुई है।
(⭐⭐⭐💫)
तो यह वह कहानियां हैं जिन्होंने कहीं ना कहीं मेरे मस्तिष्क पर अपना असर छोड़ा और सकारात्मकता की तरफ अग्रसर किया है।इसके अलावा भी इस सीरीज की बाकी तीन कहानियां भी बेशक देखने योग्य हैं और आपके सोच के खजाने में कुछ जोड़ कर ही जाने वाली हैं।
यदि आप मॉडर्न लव मुंबई देख चुके हैं तो अपने विचार मुझे बताइए और यदि नहीं तो देखकर जरूर बताइएगा।